आज हर उस पल से खफा हूँ जिसने यह एहसास दिलाया कि, “मैं क्या हूँ”? न वजह न खता बस खौफनाक शिकार बन गई, “मैं क्या हूँ”? सच का तालाब लिए, हक का सैलाब लिए, Read more…