Poetry

पहले की तरह।

पिछले कुछ सालों में  बहुत बदल गयी है ज़िंदगी और इस ज़िंदगी के साथ  बदल गयी है तू भी पहले तू हँसती थी मुस्कुराती थी और गाती भी थी।।। तू अब भी हँसती है लेकिन Read more…

By Sadah, ago
Poetry

।।हिंद।।

आज उन वीरों को याद करो उन देशभक्तों की पुकार सुनो शौर्य को अपने तुम जगाओ भारत को अपने तुम सजाओ रक्शक बनकर इस आज़ादी के अपने देश के गौरव को तुम बढाओ राष्ट्रगीत गाओ Read more…

By Sadah, ago