“जिसकी थाली में बिना खाये आज भी भूँख नहीं मिटती, जिसकी लोरी सुने बिना आज भी नींद नहीं आती। जिसकी दुवाओं के बिना, आज भी घर से नहीं निकलता, जिसकी मन्त्रों वाली फूँक से, आज Read more…