इतिहास का फड़क्ता वो पन्ना हो तुम, जो कभी पूरी ना हो सके, वो तमन्ना हो तुम। रगों में बेहते लहू का वो कतरा हो तुम, सिमटे तो पास, बहे तो नाश, वो खतरा हो Read more…