जनमानस में शोर है , शिक्षा पाने की होड़ है , नैतिकता के दर्पण में देखो , जाने यह कैसी दौड़ है । By Smile

“इश्क की दुनिया में महफूज सा हो गया हूँ, इस दुनिया की चकाचौंध में मशगूल सा हो गया हूँ, खुदा ना खास्ता मुलाकात हो गई तन्हाई से, फीके फीके लफ्जों से बयां किया इश्क उसने।”  Read more…

“जिसकी थाली में बिना खाये आज भी भूँख नहीं मिटती, जिसकी लोरी सुने बिना आज भी नींद नहीं आती। जिसकी दुवाओं के बिना, आज भी घर से नहीं निकलता, जिसकी मन्त्रों वाली फूँक से, आज Read more…