अरमानों के मकान की छत नहीं होती… “वह तो जैसे एक गहरा कुआं है जो देह ख़तम कर दे पर कभी न भरे” फरमानों के लफ़्ज़ों की ज़ुबान नहीं होती… “वह तो बस लिख दिए Read more…

इस सफर में अभी सबक और बाकी है, ठोकरें मिली है, गहरी चोट और बाकी है…!

झूठी बात पे जो वाह वाह करेंगे लोग वही आपको तबाह करेंगे…!

अकेले ही लड़नी होती है जिंदगी की लड़ाई। लोग सिर्फ तस्सली देते हैं साथ नहीं।

तेरी पहचान भी न खो जाए कहीं इतने चेहरे ना बदल थोड़ी सी शोहरत के लिए…!