॥विरह॥

कहती है…

आँखों में आँखें डालकर

तू दूर किया ना कर

यूँ मेरे साथ

इतने नख़रे किया ना कर॥

तेरे बिना तो मुझसे 

रहा भी नहीं जाएगा

तुझसे दूर होने का दुख़

सहा भी नहीं जाएगा॥


Sadah

Totally unprofessional; Trying to figure out what writing is all about; I am just a name.

11 Comments

Anonymous · January 5, 2017 at 1:08 pm

वाह

Anonymous · January 5, 2017 at 1:09 pm

यार आपकी शुभकामनाओं का इंतज़ार है मेरे ब्लॉग में…☺☺☺ थोड़ा वक़्त जरूर निकाले!!

    ascerblog · January 5, 2017 at 1:13 pm

    ज़रूर। क्यों नहीं…

Anonymous · January 5, 2017 at 1:23 pm

☺☺☺ जन्मदिन की शुभकामनाओं की बातें की थी मैंने

Shifali · January 5, 2017 at 1:27 pm

Last two lines wonderful

Anonymous · January 5, 2017 at 6:20 pm

I like it

Anonymous · January 5, 2017 at 7:07 pm

amazing

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